अब क्या कह दें अपना तो जी भर आया है,
तुम ने फिर से घुमा कर प्रश्न दोहराया है.
मीठे जल भरे मेघ उपजें कोख से जिसके,
खारा कह कर उसका सबने दिल दुखाया है,
अब किस्से कहें किस्से न कहें कौन सुनेगा,
आखिर बच्चों को चलना हम ने हिं सिखाया है.
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