डर के हमने ज़िन्दगी का नाम क़ातिल रख दिया
नाम उसने भी पलट कर मेरा बुज़दिल रख दिया
सिर्फ इतना बस किया था ज़िन्दगी खिलने लगी
उसके क़दमों से हटाया सर मियाँ दिल रख दिया
Come and cherish yourself with beautiful Ghazals & Kavitayen Penned by Rakesh Nirmal : EMAIL:pransh.shar@gmail.com CONTACT:7060265556/9045865536