मत बनाओ ख़ुद को मँहगा ,सस्ता रहने दो
लोगों से मिलने का कोई, रस्ता रहने दो
तुमको हुक़ूमत करना है ,तख़्त-ए-दिल पर यार
दिल को दर्द-ए-दुनिया से बाबस्ता रहने दो
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