रविवार, 2 अक्टूबर 2022

अदबी शायर हमें सुनने को मिलते हैं 
 क़ीमती मोती भी चुनने को मिलते हैं 
 ज़िन्दगी यूँ ही बनती नहीं रेशमी 
 सारे रेशम यहाँ बुनने को मिलते हैं 


किस्से कहानियों सी भला ज़िन्दगी कहाँ 
जितनी सुनाई जाती है ,उतनी भली कहाँ 
कितना हसीं था रास्ता ,मंज़िल  के सामने 
मंज़िल को छोड़,चल पड़े ,राहों को थामने 


ग़ैर दुनिया ने तुम्हे जाना था 
हमने तो तुमको सगा माना था 

तुमको आवाज़ कहाँ तक देते 
अपने मन से ही चले आना था 

तुमको मुर्दा न कहें,तो क्या कहें 
ख़ून आँखों में उतर आना था 

तुमको ओझल होने तक देखा मैंने 
तुमको  इक बार पलट जाना था 

सिर्फ़ अच्छा होना ही काफ़ी नहीं 
आपको  अच्छा नज़र आना था 

बुधवार, 21 सितंबर 2022

शुक्रवार, 19 अगस्त 2022

                                                                              भजन 
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी ,हे नाथ नारायण वासुदेवा 

इक आँख में छवि मोहन की  प्यारी 
दूजन मे देखो , राधा दुलारी 

ह्रदय   के कणकण में कुंज बिहारी 
ह्रदय  की धड़कन में राधा दुलारी 

मन की गलिन में जो आये बिहारी 
दूर हुई  सब विपदा हमारी 

आगे बढ़ाओ  चरण मुरारी 
आया ये बालक ,शरण तिहारी 

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी ,हे नाथ नारायण वासुदेवा 








सोमवार, 27 दिसंबर 2021

अपनी आँखों को कभी तो भिगोइए 
संवेदना को अपने दिल मे पिरोइए 
आंसुओं से भी हो सकता है आचमन 
किसी का दर्द दिखे तो ज़रूर रोइए