शनिवार, 25 मार्च 2023

 दूर तक ये  आपके ,साथ साथ जायेंगे 
 मुश्किलों में आपको राह भी दिखाएंगे 
जब कभी भी फ़ैसले  लेने पड़ेंगे आपको 
उस समय  ये शे'र मेरे  ख़ूब याद आएंगे 

बुधवार, 8 फ़रवरी 2023

अंदाज़ अपना सूफियाना है 
 खुली  हवा से दोस्ताना है 
सीलन भरे कमरों से दूर हूँ 
वृहद गगन ही आशियाना है 

बुधवार, 25 जनवरी 2023

साफ़ सुन्दर ज़ेहनो दिल भी स्वार्थ के कोहरे से पट गये 
खेत बांटे,बांटे ज़ेवर ,आख़िरश ये दिल भी बँट गये 
बच्चे थे तो जुड़े हुए थे ,बड़े हुए तो सबसे कट गए 
अपने अपने बच्चे लेकर, भाई सारे  दूर हट गये 
दिल को क्या दे दें,दिलासे के सिवा 
क्या फ़क़ीर के पास है,कासे के सिवा?
ऐसा नहीं है कि, दुर्भाव का बहाव नहीं है 
मगर यहाँ सद्भावों का भी, अभाव नहीं है 
जो बाँध बन कर, नफरत के धारों में खड़े हैं 
महज़ वो, कुछ एक शिलाओं का जमाव नहीं है 

शनिवार, 19 नवंबर 2022

मुश्किलों से कह दो कि हमें न आज़माइये 
मिटने का है शौक़ तो ,हमारे पास आइये 

हम भी सो ही जाएंगे ,हक़ीक़तों को भूलकर 
धर्म की ध्वजा तले ,कहानियाँ सुनाइए 


कुछ न दुनिया में  तुम्हारा था कभी 
कुछ न दुनिया में  हमारा  था कभी 

अब मेरे दिल के फ़लक से टूट गया 
जो मेरी आँखों का तारा था कभी 

बैठ कर खा लेती पुश्तें आपकी 
इतनी दौलत को नकारा था कभी 

चश्मा दौलत का पहनने के लिए 
सच को आँखों से उतारा था कभी 

वो सरलता याद आती है जिसे 
दुनियावी बाज़ी में हारा था कभी